आप इनका उत्तर अपनी कॉपी में लिख लिजीए-
कक्षा: 10
विषय: हिन्दी
दिनांक: 18/08/2021
अध्याय: तुलसीदास
Topic: पद्य भाग-1 2
विद्यालय:
(विद्यार्थियों को लिखना है)
विद्यार्थी का नाम:
प्रश्न 1. महाकवि तुलसीदास जी की रचनाओं का क्रमिक नाम लिखिए।
उत्तर:- अपने १२६ वर्ष के दीर्घ जीवन-काल में तुलसीदास ने कालक्रमानुसार निम्नलिखित कालजयी ग्रन्थों की रचनाएँ कीं -
- रामललानहछू (1582), वैराग्यसंदीपनी (1612), रामाज्ञाप्रश्न (1612), जानकी-मंगल (1582), रामचरितमानस (1574), सतसई, पार्वती-मंगल (1582), गीतावली (1571), विनय-पत्रिका (1582), कृष्ण-गीतावली (1571), बरवै रामायण (1612), दोहावली (1583) और कवितावली (1612)।
प्रश्न 2. तुलसीदास जी की कीर्ति का आधार कौनसा ग्रंथ माना जाता है उसमें निहित सभी कांडों का क्रमिक नाम लिखिए।
उत्तर रामचरितमानस तुलसीदासजी का सुदृढ़ कीर्ति स्तम्भ है जिसके कारण वे संसार में श्रेष्ठ कवि के रूप में जाने जाते हैं।इन सात काण्डों के नाम हैं - बालकाण्ड, अयोध्याकाण्ड, अरण्यकाण्ड, किष्किन्धाकाण्ड, सुन्दरकाण्ड, लंकाकाण्ड (युद्धकाण्ड) और उत्तरकाण्ड।
प्रश्न 3. 'लक्ष्मण-परशुराम संवाद के बारे में अपने विचार बताइये। (50 शब्दों में)
उत्तर -लक्ष्मण-परशुराम संवाद’ नामक पाठ में हमारे विचार यह है कि हमें क्रोध करने से बचना चाहिए। यह हमारे बुधि विवेक का नाश कर देता है। क्रोधी व्यक्ति ऐसे कार्य करता है जिससे वह उपहास का पात्र बन जाता है। हमें सदैव विनम्र, शांत एवं कोमल व्यवहार करना चाहिए। ऐसे व्यवहार से हमारे बिगड़े काम भी बन जाते हैं तथा हमें सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है।
प्रश्न 4 'लक्ष्मण-परशुराम संवाद में आए हुए कठिन शब्दार्थों के अर्थ बताइए।
1. भंजनिहारा - भंग करने वाला
2. रिपु - शत्रु
3. लरिकाई - बचपन में
4. रिसाई - क्रोध करना
1 टिप्पणियाँ
Hii nica
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